वाय चीट इंडिया: टिकट लेकर वेट करते रहे, पर मल्टीप्लेक्स में नहीं चली फिल्म

मल्टीप्लेक्स का मतलब यह नहीं है कि सिनेमा देखने के दौरान का एक्सपीरियंस अच्छा ही अच्छा रहने वाला है. भले ही वो किसी मेट्रो सिटी का ही क्यों न हो. एनसीआर में इमरान हाशमी की वाय चीट इंडिया के मॉर्निंग शोज देखने पहुंचे दर्शकों का अनुभव ठीक नहीं रहा. दरअसल, टिकट काउंटर पर बुकिंग तो हुई पर कंटेंट ही नहीं उपलब्ध था. लिहाजा लोगों को परेशान होना पड़ा, लौटना पड़ा या शो आगे शिफ्ट करना पड़ा.

नोएडा के कुछ नामी मल्टीप्लेक्स और थियेटर्स में कुछ ऐसा ही देखने को मिला. वाय चीट इंडिया के मॉर्निंग शोज की स्ट्रीमिंग में परेशानियां हुई. कई मल्टीप्लेक्स में 10 बजे और 10.30 बजे के शो अवेलेबल थे. कुछ की ऑनलाइन बुकिंग नहीं थी. पर कुछ थियेटर्स में काउंटर बुकिंग उपलब्ध थी. नोएडा के सिटी सेंटर के लॉजिक्स मॉल स्थित पीवीआर में भी शुक्रवार सुबह 10 बजे का शो अरेंज था. लेकिन काउंटर पर टिकट नहीं दिए जा रहे थे.

जब इस बारे में पूछा गया तो जानकारी मिली कि संबंधित शो के लिए उनके पास कंटेंट ही नहीं आया. यह भी बताया कि हमेशा शुक्रवार के शो के लिए स्पेशल कंटेंट आता है, जो वाय चीट इंडिया के शो के लिए नहीं मिला.

पीवीआर के ऑडी 3 में सुबह 10 बजे का शो देखने के लिए बड़े पैमाने पर लोग पहुंचे थे. शो तय समय पर शुरू नहीं हुआ. करीब 40 मिनट वेट करने के बावजूद शो स्टार्ट नहीं हुआ. आखिर में बताया गया, "शो या तो आगे शिफ्ट किया जाएगा या कैंसल. आप लोग देख लीजिए." PVR के कस्टमर केयर पर फोन करने पर बताया गया कि शो कैंसल है.

वाय चीट इंडिया को लेकर दिल्ली एनसीआर के कुछ दूसरे थियेटर्स में भी इस तरह की परेशानियां देखने को मिली. सेक्टर 18 के धर्मा पैलेस में तो मॉर्निंग के लिए 10.30 बजे का शो अरेंज था. पर बुकिंग में दिक्कत बताकर उसे भी रद्द कर दिया गया. फिल्म वाय चीट इंडिया एजुकेशन सिस्टम पर बेस्ड है. इसका निर्देशन सौमिक सेन ने किया है. मूवी में इमरान हाशमी के अपोजिट श्रेया हैं.

इसके जिम्मेदार एक तरह से आप भी हैं. दरअसल ज्यादातर ऐप्स को यूज करने के लिए लॉग इन की जरूरत होती है. लॉग इन में तीन ऑप्शन आम तौर पर मिलते हैं. इनमें एक क्रिएट न्यू अकाउंट, लॉग इन और लॉग इन विद जीमेल/फेसबुक. लोग आसानी के लिए लॉग इन विद जीमेल कर देते हैं. ऐसे में इस ऐप को एक टोकेन दिया जाता है और यह आपके जीमेल अकाउंट से जुड़ कर आपकी डीटेल्स लेता रहता है. इस स्थिति में उस ऐप डेवेलपर को आपकी जानकारी हासिल करने में आसानी होती है और कोई हैकर्स उन ऐप्स को टार्गेट करके आपका पासवर्ड भी ले सकता है. आप एक बार को जीमेल पर भरोसा कर सकते हैं, लेकिन उन थर्ड पार्टी ऐप्स पर भरोसा कैसे करेंगे जिन्हें आपने सिर्फ इसलिए जीमेल का ऐक्सेस दे रखा था, क्योंकि आपको एक ऑनलाइन क्विज खेलना था? यह एक उदाहरण है. तो एक वजह है जिससे आपकी आईडी हैक हुई है.

अब आपने ये देख लिया है कि किन ऐप्स की वजह से ऐसा हुआ है. अब आपको जीमेल से जुड़े थर्ड पार्टी ऐप्स का ऐक्सेस बंद करना है. इसके लिए जीमेल या किसी भी ईमेल आईडी के सेटिंग्स में जाएं. यहां गूगल सिक्योरिट पेज ओपन करें. Third-party apps with account access पर क्लिक करें. इसके नीचे Manage third party access का ऑप्शन मिलेगा. यहां क्लिक करते ही आपको उन ऐप्स की लिस्ट दिखेगी जिन्हें आपने अपने गूगल अकाउंट का ऐक्सेस दे रखा है. अब इसे क्लिक करके Remove Access का यूज करें.

इसके बाद पासवर्ड चेंज करें और पासवर्ड में न्यूमेरिक और स्पेशल कैरेक्टर्स का कॉम्बिनेशन रखें. सेटिंग्स में जा कर टू फैक्टर ऑथेन्टिकेशन ऑन कर लें.

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